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कॉलेज की जूनियर लड़की…..

हल्लो दोस्तों आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत करता हूँ| मेरा नाम राजेश है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ| अपनी 12 वी कक्षा तक की पढ़ाई मैं काफी समय पहले ही खत्म कर चुका हूँ| अभी कुछ समय पहले ही मैं अपना कॉलेज भी पूरा कर चुका हूँ जिसके बाद अब मेरा पूरा ध्यान परीक्षा देकर एक अच्छी सरकारी नौकरी प्राप्त करना है|

आज मैं आपको एक लड़की की कहानी बताऊंगा जो हमारे कॉलेज की जूनियर हुआ करती थी| उसकी क्लास के सभी लोग उस पर लट्टू हुआ करते थे, क्योंकि उसका चेहरा काफी भोला और सुंदर लगता था| उम्र में छोटी होने के बाद भी उसके अंग काफी ज्यादा विकसित नजर आते थे| मैं उसे मुस्कान नाम से बुलाता था|

मैं काफी समय पहले से ही अपने कॉलेज को खत्म कर लेने के बाद सरकारी जॉब की परीक्षा की तैयारी कर रह रहा था, ओर मेरी जूनियर अभी भी कॉलेज के अंतिम वर्ष में ही थी।

एक दिन मुझे मेरी जूनियर का फोन आता है। वह मुझे फोन पर कह रही थी कि उसके कॉलेज का अंतिम साल पूरा होने वाला है और अब आगे वो भी बिल्कुल मेरी ही तरह सरकारी जॉब की तैयारी करना चाहती है लेकिन उसे समझ नही आ रहा है कि वह कहा से इन सब की शुरुआत करें। इसलिए वह इन सब के बारे में जानने के लिए मेरी थोड़ी मदद लेना चाहती है। मैं भी उसकी मदद करने के लिए तुरंत राजी हो गया था।

मेरे घर वालो को ज्यादा परेशानी न हो ओर मैं भी अच्छे से पढ़ाई पूरी कर सकूँ इसलिए मैंने अपने घर से ही थोड़ी दूरी पर एक छोटा घर ले लिया था। कुछ ही दिन बाद मेरी जूनियर अचानक ही मेरे घर पर आ जाती है।

मैं उसे इस तरह अचानक देखकर उससे सवाल पूछ बैठता हूँ- ओर मुस्कान तुमने बताया नही तुम आ रही हो, कैसे आना हुआ फिर??

मेरी अंतिम वर्ष की परीक्षा समाप्त हो चुकी है इसलिए मेने सोचा कि क्यूँ ना तुमसे एक बार मिल लिया जाए और सरकारी जॉब के विषय मे तुमसे कुछ बातचीत कर ली जाए। ओर मुझे एक एक अच्छी कोचिंग की भी तलाश थी तो मुझे लगा कि तुम ढूंढने में मेरी मदद कर सकते हो।- मुस्कान ने जवाब देते हुए कहा

उस दिन के बाद से मुस्कान रोज़ाना मेरे घर आने लगी थी, इसी दौरान में उसे थोड़ा समझा भी दिया करता था और बाद में हम बाहर मुस्कान के लिए कुछ कोचिंग क्लासों में बात भी कर के आ जा या करते थे। लेकिन अभी तक हमे मुस्कान के लिए कोई ढंग की कोचिंग नही मिल सकी थी।

रोज़ाना की तरह हम एक बार फिर से दिन के समय मुस्कान के लिए बढ़िया सी कोचिंग ढूंढने के लिए चले गए, लेकिन इस बार भी हमारे हाथ कुछ नही लगा और फिर हम वापस घर की तरफ लौट गए। जैसे ही हम घर पर पहुंचे हमने थोड़ा नाश्ता किया और थकान के के कारण वही पर बैठ गए।

मुस्कान भी काफी ज्यादा थक चुकी थी, इसलिए उसने मुझे कुछ देर आराम करने के लिए कहा, ओर बोला कि कुछ देर आराम करने के बाद हम फिर से कोचिंग ढूंढने के लिए निकलेंगे।

इतना कहकर हम दोनो आराम करने के लिए बेड की तरफ निकल पड़ते है। मेरे पास सिर्फ एक ही बेड था, इसलिए मेने खुद नीचे सोने का फैसला किया और मुस्कान को ऊपर बेड पर जाकर सोने को कहा। लेकिन मुस्कान भी इसके लिए नही मानी उसने कहा- तुम ऊपर बेड पर सो जाओ में नीचे सो जाती हूँ। काफी देर तक एक दूसरे को मनाने की कोशिश करने के बाद हम दोनों ने साथ मे ही बेड पर सोने का फैसला किया।

कुछ ही देर बाद हम दोनों बेड के बीच मे एक तकिया लगाकर एक-दूसरे की विपरीत दिशा पर सर रख कर सो गए। हमें आराम करते हुए बस कुछ ही समय गुजरा था कि हम करवट लेते हुए एक-दूसरे के सामने आ गए थे। और जो तकिया हमने बीच मे रखा हुआ था वो भी खिसक कर कहीं नीचे की तरफ गिर गया था। कुछ देर बाद अचानक से मुस्कान ने अपने पैरों को बिलकुल जांघों तक लाकर मेरे पैरों के ऊपर लाकर रख दिया। यह सब देखकर अचानक से मेरी नींद खुल जाती है और मेरा ध्यान मुस्कान के चेहरे की तरफ जाता है, वो अभी भी गहरी नींद में सो रही थी।

जब मेने नीचे पेंट में देखा तो पता चला कि मेरा लंड तेजी से तन्ना गया है। मेरे दिमाग मे बस यही ख्याल आ रहा था कि गलती से ऐसा होने पर मेरा लंड इतना ज्यादा तन्ना गया है तो जब मैं उसे चुदूँगा तब कैसा महसूस होगा। अब में वापस ठीक से नही सो पा रहा था अब बस मेरे दिमाग मे यही ख्याल दौड़ रहे थे कि मैं मुस्कान को किस पोजिशन में चुदूँगा।

कुछ ही देर बाद मेने भी मुस्कान के पैरों में पेर रखकर उसे दबोच लिया। मैं देख पा रहा था कि शायद मुस्कान मेरी इस कार्यवाही से जाग गयी है लेकिन अभी भी इस पर उसकी कोई भी गंभीर प्रतिक्रिया नजर नही आ रही है।

यह देखकर मेरी हिम्मत और भी ज्यादा बढ़ चुकी थी। अब धीरे से मेने अपने हाथ को उसके पेट के ऊपर ले जाकर रख दिया, जिसके बाद वो भी थोड़ी सिसकिया लेने लगी और अपने पैरों से मेरे पैरों में लगातार खुजली करने लगी। अब मैं समझ चुका था कि मुस्कान जाग रही है मैंने मुस्कान को आंखे खोलने के लिए कहा और कहा कि देखो अगर साथ मे मिलकर करेंगे तो दोनों को ही काफी मजा आएगा।

मुस्कान ने मेरी बात मान गयी और फिर हम दोनों एक दूसरे के करीब खिसक गए। मैंने बिना देरी किये मुस्कान के होठों को चूमना शुरू कर दिया और कपड़ों के बाहर से ही उसके टाइड बूब्स को दबाने लगा। धीरे-धीरे मुस्कान भी मेरे ओर अपने सभी कपड़ों को एक के बाद एक उतार कर बेड के नीचे फेंकने लगी।

अब मैं पूरा नंगा होकर केवल अंडरवियर में था, ओर वो भी अपने सभी कपड़े उतार कर केवल ब्रा ओर पेंटी में आ गयी थी। मेने अब बिना देरी किये उसके संगमरमर से तराशे हुए बदन को ऊपर से नीचे की तरफ चूसना शुरू कर दिया था।

मैं जैसे ही उसके पेट को चूमता हुआ ऊपर की तरफ बढ़ रहा था उसने अपनी ब्रा खोलकर नीचे की तरफ गिरा दी। अब उसके टाइड बिल्कुल आम जैसे बूब्स ब्रा की दीवार से आजाद हो चुके थे। अब मैं अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को दबा रहा था। मैं देख पा रहा था कि मुस्कान को इन सब मे काफी ज्यादा मजा आ रहा है। अब मेने अपने एक हाथ से उसके बूब्स को दबाते हुए अपना दूसरा हाथ उसकी चुद में घुसा दिया था। और धीरे-धीरे अपने हाथों से उसकी नरम चुद को मसलना शुरू कर दिया था। मुस्कान की सांसे भी काफी तेज होती जा रही थी, उसके मुंह से लगातार आह-आह की हल्की आवाजें आ रही थी।

मुस्कान अब तक अन्तर्वासना की चरम सीमा पर पहुँच चुकी थी, इसलिए मैंने सोचा कि अब मुझे भी ओर अधिक समय नही लेना चाहिए। मेने बिना देरी किये अपनी अंडरवियर को निकाल कर नीचे फेंक दी। मुस्कान ने जैसे ही मेरे सोडुल ओर मोटे औजार की तरफ देखा वह बिल्कुल सहम ही गयी, शायद मेरे लोडे की लंबाई को देखकर वह बिल्कुल घबरा गई थी।

मैं धीरे से अपने लौडे को उसके मुंह की तरफ लाया और उसे मुंह से अपने लंड को चूसने के लिए कहा। उसने पहले एक बार मेरे लंड को मुंह मे लेकर बाहर निकाल दिया। ओर फिर कुछ देर बाद बार-बार लंड को अंदर बाहर करते हुए चूसने लगी। उसे देखकर मैं काफी पहले ही समझ चुका था कि मुस्कान पहले भी किसी से चुद चुकी है। वो काफी मंजी हुई खिलाड़ी लग रही थी।

कुछ देर में मुस्कान ने मुझे बेड की तरफ धक्का दे दिया और मुझे लेटाकर वह मेरे लंड के साथ खेलते हुए उसे ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी, अब-तक मुझे काफी ज्यादा मजा आने लगा था।

फिर मेने धीरे से मुस्कान को बेड पर लेटा दिया और अपनी तीनो उंगलियों को उसकी चुद के अन्दर घुसा दिया, जिससे वह ज़ोर- ज़ोर की आहे भरने लगी और मुंह से आह,आह,आह की आवाजें निकालने लगी, जिसे देखकर मेरा उत्साह भी काफी ज्यादा बढ़ गया था। मुस्कान अन्तर्वासना की चर्म सीमा में थी, उसने मुझसे बोला- जान अब ओर इंतजार नही होता है मुझसे, जल्दी से अपने इस सख्त लौड़े को मेरी चुद में घुसा के मेरी प्यास को बुझा दे।

कुछ ही देर में मेने अपने पुरे लंड को धीरे-धीरे कर के उसकी चुद के अंदर भर दिया| उसने भी बिना विरोध किये एक ही झटके में लपालप मेरे लंड को अपनी चुद के अंदर भर लिया| अब मैं उसे अपने लंड से अन्दर तक झटके दे रहा था, और छप-छप की आवाजें आ रही थी| उसके मुंह से निकलने वाली जोर-जोर की आह की आवाज पुरे कमरे में गूंज रही थी| वो बार-बार मुंह से ओह, आह और चोदो मुझे अपनी पूरी ताकत से चोद दो मुझे कहे जा रही थी| बीच-बीच में काफी बार वो मेरा उत्साह बढाने के लिए मुझे गुस्सा भी दिलवाए जा रही थी| वो बार -बार कह रही थी – आह, आह  बस इतना ही दम है क्या भेन्चोद? नामर्द हो क्या, थोड़ा दम लगाकर चोदो मेरी चुद आज प्यासी नहीं रहना चाहिए| अपने सख्त लोडे से मेरी चुद फाड़ डालो|

अब जाकर मुझे भी काफी जुनून आ गया था, मेने उसे सीधा अपनी गोद में उठाया और गोद में ही उसे उछालते हुए चोदने लगा, तब जाकर उसे थोडा मजा आया| साथ ही मैं उसके मोटे बूब्स को भी चुसे जा रहा था|

मेने उसे लगातार 69 पोजीशन में चोदा, कुछ देर बाद मैं झड गया और मैंने उससे पूछा की अपना माल कहा निकालूं? उसने झट से मेरे लोडे को अपने मुंह में ले लिया और मैंने अपना पूरा माल उसके मुंह में ही निकाल दिया| वह भी मेरा माल एक ही झटके में सारा का सारा पी गयी| कुछ देर के इंतजार के बाद मेने फिर से उसे डॉगी स्टाइल में चोदा, मैं एक बार झड चुका था इसलिये इस बार मेने उसे और लम्बे समय तक चोदा और उसकी चीख बाहर निकलवा दि| उस दिन हम रात भर चुदाई करते रहे, हमने करीब 5 बार सेक्स किया| फिर रात को मुस्कान मुझे गुड नाईट कहकर अपने घर निकल गयी|

अगले दिन से मुस्कान रोज मेरे घर आने लगी और हम रोजाना एक-दुसरे के साथ अलग-अलग पोज में चुदाई करने लगे|