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पढ़ाई के दौरान क्लास की लडकी को पटाकर चोदा

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम अजय है, और मै भुवनेश्वर का रहनेवाला हूं। यह कहानी मेरी और मेरे क्लास में पढनेवाली एक लडकी रिया की है। इस कहानी में आप पढिए, किस तरह से रिया और मै एक-दूसरे के प्यार में पड गए, और फिर यह हमारा प्यार का सिलसिला कैसे चुदाई के रास्ते तक पहुंचा। यह कहानी आज से चार साल पहले की है, जब मै अपने आखिरी साल की पढाई कर रहा था।

कहानी पर आने से पहले मै आपको रिया के बारे में बता देता हूं। रिया मेरी क्लास की सबसे हसीन परी है, उसका रंग दूध सा गोरा है, और फिगर भी एकदम माल था। उसको देखकर तो बुढ्ढों के भी लंड खडे हो जाए, ऐसी माल थी रिया। बस वो इसी साल हमारे कॉलेज में नई आई हुई थी, इसलिए उसके पीछे अभी बहुत लडके पडे हुए थे। सब की नजर उसी पर थी, पूरे कॉलेज में रिया हॉट टॉपिक बन चुकी थी, अब इससे ज्यादा और क्या हो सकता था।

लेकिन रिया ने अब तक किसी को घास नही डाली थी। वो थोडी मॉडर्न जरूर थी, लेकिन वो कभी भी अपनी मर्यादा भूलती नही थी। वो अपने काम सछि से करके जल्दी ही कॉलेज से निकल जाती थी। अब कॉलेज रेगुलर शुरू होते ही हम आखिरी साल वालों को प्रोजेक्ट करना था। इसके लिए जोडी बनने के लिए सबकी चिट निकाली गई। और भगवान ने मेरी बात सुन ली, मै और रिया दोनों एक ही ग्रुप में आ गए। अब हम दोनों को मिलकर अपना प्रोजेक्ट करना था।

जैसे ही हम दोनों को प्रोजेक्ट के लिए एक टीम में किया गया, तब से हमारी बातें होना शुरू हो गई। पहले पहले तो बस पढाई की बातें होती थी, लेकिन समय के साथ साथ हम दोनों की दोस्ती भी अच्छी होने लगी और हमारी बातें भी आगे बढने लगी थी। अब हम दोनों अच्छे दोस्त बन चुके थे। तो उसने मुझे उसके कुछ सीक्रेट भी बताने शुरू किए। रिया का पहले से एक बॉयफ्रेंड था, उसका नाम अनुज था। लेकिन उन दोनों के बीच आजकल कुछ झगडा चल रहा था।
रिया हमेशा ही मेरे पास आकर उसके बारे में बातें करती थी, अब रोज ही उनके झगडे होने लगे थे। तो एक दिन मैने ही रिया से कहा, “अगर इतने झगडे हो रहे है, तो इससे अच्छा तुम दोनों अलग हो जाओ। दोनों खुश रहोगे।”
फिर वो मुझसे नाराज होकर चली गई। उसके बाद, दो दिन वो कॉलेज भी नही आई। मैने उसे कॉल करने की कोशिश की, लेकिन उसका फोन बंद था। मुझे अब डर लगने लगा था कि, कहीं वो मुझसे दोस्ती ना तोड दे। तीसरे दिन कॉलेज में खुद ही वो मेरे पास आकर बैठ गई और फिर हमारी बातें चलने लगी। तो उसने बताया कि, घर जाकर उसने मेरी बात को लेकर काफी सोचा और तब जाकर अलग होने का फैसला लिया। इसका मतलब अब वो दोनों अलग हो चुके थे। रिया ने मुझे थैंक्स कहा, और फिर हमारी नॉर्मल बातें होने लगी।
अब उनके अलग होने से रिया को थोडा अकेलापन महसूस हो रहा था, और उसे समझनेवाला कोई उसके पास चाहिए था। तो इस चक्कर मे मै और रिया अधिक समय एक-दूसरे के साथ बिताने लगे थे। पूरे कॉलेज को लगने लगा था कि, हम दोनों कपल है। हम दोनों को देखकर सभी को ऐसा ही लगता था, हम दोनों हमेशा साथ ही नजर आते थे।
ऐसे ही दिन बीत रहे थे, एक दिन मै कॉलेज नही जा पाया, और उसी दिन सुबह जल्दबाजी में मेरा फोन भी टूट गया। तो उस बात को लेकर मै वैसे भी काफी परेशान था, ऊपर से घरवालों ने भी फोन टूटने को लेकर मुझे काफी सुनाया था। अगले दिन जैसे ही मै कॉलेज पहुंचा, तो मुझे रिया सामने दिख गई। उसे देखकर मैने एक स्माइल दे दी। लेकिन पता नही उसे क्या हो गया था, वो अचानक से रोने लगी। और रोते हुए ही आकर मेरे गले लग गई। मैने भी उसे अपनी बाहों में भर लिया, और उससे इसका कारण पूछने लगा। कुछ देर के लिए तो मै भी भूल गया था कि, हम कॉलेज में है, और आसपास के सारे लोग हमारी तरफ ही देख रहे थे।

मैने उसे अपने से अलग किया और उसे कैंटीन में ले आकर उससे बात करने लगा। तो उसने मुझे सीधे प्रोपोज कर दिया, और कहा कि, “मुझे भी कल ही इस बात का अहसास हुआ कि, तुम्हारे बिना रहना कितना मुश्किल है मेरे लिए।”
अब ऐसी इतनी सुंदर लडकी अगर सामने से चलकर खुद प्रोपोज करे तो कौन मना करेगा। मैने भी उसे हां कह दी। और यहां से हमारी प्रेमगाडी चलने लगी। अब तो हमारी रोज घंटो तक बातें होने लगी थी। अब हम रोज एक-दुसरे के साथ पूरा दिन बिताने लगे थे। हम दोनों ही एक-दूसरे से पूरी तरह से पारदर्शी थे। धीरे धीरे हम एक-दूसरे को छूने के बहाने ढूंढने लगे थे, फिर चूमने लगे थे। लेकिन कभी चूमने से आगे नही बढ पाए थे।
कभी हमे इससे आगे बढने का मौका भी नही मिला। एक तो हम ज्यादातर कॉलेज में ही रहते थे, जहां हम दोनों को एकांत मिलना नामुमकिन था। और बचा हुआ समय हम कहीं घूमने निकलते थे। और कभी हम दोनों में से किसी ने इससे आगे बढने की सोची भी नही होगी।

लेकिन समय को कुछ और ही मंजूर था। हम दोनों को हमारे प्रोजेक्ट के सिलसिले में दो-तीन दिन के लिए बाहर जाना था। अब प्रोजेक्ट का काम था तो घरवाले भी मना नही कर सकते थे। तो हमे उस काम के सिलसिले में दो राते और तीन दिन बाहर रुकना पड रहा था। तो हमने वहां जाकर अपने लिए एक डबल रूम का कमरा ले लिया, जिससे किराया कम पडे। हम दोनों को ही एक-दूसरे के ऊपर पूरा भरोसा था, तो किसी के मना करने की कोई गुंजाइश ही नही थी।

पहली रात को ही जब हम दोनों सोने लगे तो पहले हम बस एक-दूसरे के आगोश में आकर सोने लगे। फिर पता ही नही चला कब हम आगे बढ गए। मै उसके होठों को चूमते हुए उसके उरोजों को अपने हाथों में लेकर मसलने लगा था। उसके उरोज काफी बडे थे, उनको हाथ मे लेते ही ऐसा लग रहा था जैसे मलाई हाथ मे हो। रिया के उरोजों को दबाने के बाद, मै अब अपने हाथ को और थोडा नीचे लाकर उसके पेट के पास अपनी उंगली से गोल गोल घुमाने लगा। और तभी उसने मेरा हाथ पकडकर अपने टॉप के अंदर घुसा दिया। अब मै भी अपने होश खो बैठा था, और हवस मुझ पर हावी हो चुकी थी।

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तो मै अब जो भी कर रहा था, उसमे रिया भी मेरा साथ दे रही थी। थोडी ही देर में मैने उसका टॉप उतारकर उसकी ब्रा के उर से उसके उरोजों को अपने मुंह मे भरकर चूसने लगा। उसके निप्पल भी अब तनकर खडे हो चुके थे। और मैने उसके निप्पल को अपने दांतों में पकडकर खींच दिया, जिससे उसके मुंह से सिसकारियां निकलने लगी थी।

अगले ही पल उसने खुद अपने हाथ पीछे ले जाकर ब्रा खोल दी, और अपने चूचों को आजाद कर दिया। तो मैंने भी अपनी शर्ट और पैंट उतार दी, और सिर्फ अंडरवियर को पहने रखा। फिर उसके ऊपर आकर मैने उसका पजामा भी उतर दिया और उसी के साथ उसकी पैंटी को भी खींचकर नीचे कर दिया। रिया की पैंटी को नीचे खींचते ही उसकी गुलाबी चुत मेरे सामने आ गई।

रिया शायद पहले से ही पूरी तैयारी के साथ आई थी। उसकी चुत के आसपास के सारे बाल उसने पहले ही साफ करके रखे थे। उसकी गुलाबी चुत देखने के बाद मै अपने आप को रोक नही पाया और उसकी चुत पर अपना मुंह लगाकर अपनी जीभ से उसकी चुत का चोदन करने लगा।

तभी उसने भी मेरे पैर को अपनी तरफ खींचकर मुझे 69 पोजिशन में आने को कहा। 69 पोजिशन में आते ही रिया ने मेरी चड्डी को खींचकर एक झटके में मेरे पैरों से निकाल दिया। और फिर मेरे लंड को अपने मुंह मे भरकर चूसने लगी थी। अब हम दोनों ही एक दूसरे को चूसकर मजा दे रहे थे। थोडी ही देर में रिया की चुत ने अपना पानी छोड दिया। फिर मैने रिया को सीधा करके बिस्तर पर लिटाया।
मै रिया के ऊपर आ गया, और उसकी कमर के नीचे तकिया रख दिया। तो रिया ने खुद मेरे लंड को अपने हाथ मे पकडकर अपनी चुत के द्वार पर रख दिया, और मुझे धक्का लगाने को कहा। मैने जैसे ही धक्का लगाया, मेरा पूरा लंड एक ही झटके में अंदर चला गया। यह देखकर मै ही परेशान हो गया।

उसके बाद तो रिया की धकमपेल चुदाई चलती रही। चुदाई के बाद रिया ने बताया कि, उसके बॉयफ्रेंड ने उसे चोद कर उसकी चुत का भर्ता बना दिया है।
बाकी की बची हुई एक रात भी हमने खूब चुदाई करके मजे लिए।
आपको मेरी कहानी कैसी लगी, हमे कमेंट में बताइए। धन्यवाद।