Improve sex stamina

मेरी पहली चुदाई की कहानी

मेरी सबसे पहली चुदाई की कहानी आप सभी लोगों के साथ शेयर करने जा रही हूँ, इसलिये इसे एक बार ज़रुर पढियेगा| मेरा नाम सुनीता है और मैं मुंबई की रहने वाली हूँ| मेने अपनी पढ़ाई शुरुआत से ही लड़कियों वाले स्कूल में की है, इसलिये जैसे ही मैं कॉलेज में पढने आई, तो प्रथम वर्ष से ही मेरा आकर्षण अन्य मर्दों की तरफ बढ़ता ही जा रहा था|

अब मैं अपने बारे में थोडा परिचय करवा देती हूँ| मैं एक गौरे बदन वाली, स्लिम और अपने शरीर को जिम में मेंटेन रखने वाली लड़की हूँ| मुझे कसरत करने का काफी ज्यादा शौक है इसलिये मेरा शरीर काफी ज्यादा उभरा हुआ नजर आता है| मेरे बाल घुंघराले है और मेरी आँखें कुदरती भूरे रंग की है, जिसे देखकर अच्छे-अच्छे लड़कों का लंड ही खड़ा हो जाएगा|

मुझे बचपन में ही लड़कियों वाले स्कूल में डाल दिया गया था, इसलिये मुझे लड़कों में थोडा भी इंटरेस्ट नही था| यहाँ तक की एक लड़का सौरभ तो मुझे देखने के लिए रोज मेरे स्कूल के बाहर मेरा इंतजार किया करता था, लेकिन मैं उसकी तरफ देखती तक नहीं थी|

जैसे ही मैं अपने प्रथम वर्ष की पढ़ाई को पूरा करने के लिए कॉलेज में आई, मेरा ध्यान यहाँ के लड़कों से हट ही नहीं रहा था| यहाँ तक की जो लड़का मेरे स्कूल के बाहर मुझे देखने आया करता था, वो भी मेरे ही कॉलेज में पढ़ रहा था| सौरभ ने अब अपने शरीर को पूरी तरह से तगड़ा बना लिया था| हाय उसका शरीर देखकर तो मैं बिलकुल फ्लेट ही हो जाती थी|अब तक सौरभ का कद भी काफी लंबा हो गया था, और वह काफी आकर्षक दिखने लग गया था| 

कॉलेज में रहते हुए सौरभ और मेरी थोड़ी-थोड़ी बातचीत होना शुरू हो गयी थी| वो अक्सर मुझसे कॉपी और नोट्स लेने के लिए मेरे घर तक आ जाया करता था| बातों ही बातों में मुझे भी पता ही नहीं चला कि मैं कब सौरभ की दीवानी हो गयी थी|लेकिन अब सौरभ पर मेरे जैसे ही कई साड़ी लड़कियाँ मरती थी, इसलिये मुझे लगता कि अब उसे अपने जाल में फंसा पाना काफी मुश्किल है| मैं रोज सौरभ से बात किया करती थी, हम दोनो मिलकर काफी ज्यादा हंसी-मज़ाक किया करते थे|

एक दिन ऐसे ही बातों ही बातों में हंसी-मज़ाक करते हुए मैंने सौरभ से उसका मोबाइल छीन लिया और उसे अपने घर पर ले आई, उसने मुझे बहुत चिल्ला या और बोला की मैं नोट्स लेने तुम्हारे घर आऊंगा तब मुझे मेरा मोबाइल भी लोटा देना तुम, ठीक है?

मेने कहा ठीक है, और उसका मोबाइल लेकर घर आ गयी थी| घर आने के कुछ देर बाद पता नहीं मेरे मन में क्या सुझा, मेने सोचा की क्यूँ ना सौरभ का मोबाइल एक बार चैक किया जाए| और फिर कुछ ही देर बाद मेने अपने बैग में से सौरभ का मोबाइल निकाल कर उसे चैक करना शुरू कर दिया| जैसे ही मेने उसका मोबाइल देखा मेरी आँखें फटी की फटी ही रह जाती है| सौरभ के मोबाइल के अंदर कुछ पोर्न वीडियो पढ़ी हुई थी, जिसे देखकर मेरी आँखें लाल ही रह जाती है| मेने आज तक बस टीवी पर हॉलीवुड की कुछ अश्लील फ़िल्मे ही देखी थी , इसलिये पोर्न देखना मेरे लिए एक दम नया था| पोर्न देखते हुए मुझे अचानक से अजीब सा लगने लगा, इसलिये मेने सौरभ का मोबाइल बंद कर के फिर से अपने बैग में रख दिया|

कुछ देर बाद सौरभ मेरे घर पर नोट्स लेने के लिए आता है| सौरभ जैसे ही मुझसे अपना मोबाइल माँगता है, मैं उसके हाथ में मोबाइल थमाते हुए उससे पूछ बैठती हूँ कि सौरभ क्या तुम पोर्न वीडियो देखते हो? मैंने तुम्हारा मोबाइल देखा था तो उसमे कुछ पोर्न वीडियो भी थी|

सौरभ यह सुनकर एक दम चौक गया था, लेकिन मामले को ज्यादा बड़ा ना बनाते हुए हँसते हुए कहने लगा कि “ हां मेरे कुछ दोस्त व्हाट्सएप पर भेज देते है वे काफी शरारती मिज़ाज के है तो मेरे मोबाइल में डाउनलोड हो जाती है| इसमें कोई नयी बात नहीं है इस उम्र में तो यह सब होना एक आम बात है| और बस इतना कहकर सौरभ मेरे घर से वापस अपने घर लौट जाता है| कुछ दिन तक मैं और सौरभ एक दूसरे नहीं मिलते है, फिर एक दिन सौरभ मेरे घर नोट्स लेने के लिए आता है| मेरे घर पर सभी लोग बाहर गए हुए थे इसलिये मैं घर पर अकेली थी| मेने सौरभ को घर के अंदर ही बुला लिया, और फिर हम दोनों मिलकर हर रोज की तरह हंसी-मज़ाक करने में लग गए थे|फिर एक दम अचानक से ही सौरभ ने मुझसे कहा क्या तुम पोर्न वीडियो देखना चाहती हो बिलकुल उसी दिन की तरह? मुझे सब कुछ याद था फिर भी मेने अनजान बनाकर सौरभ से कहा कि किस दिन की तरह?

इतने में सौरभ ने मुझे बिना कुछ कहे मेरे सामने एक नयी वीडियो खोलते हुए मोबाइल रख दिया और बोला इसे देखो यह मार्केट में बिलकुल नयी आई है| मे ने जैसे ही वीडियो देखी उसमे एक काले रंग वाला लड़का एक गौरी लड़की को डॉगी बनाकर उसे तेजी से चोद रहा है, और लड़की जोर-जोर से चीखे जा रही है| मेरी आँखें फिर से वीडियो देखकर एक दम लाल ही पड़ गयी थी| मैं वीडियो देखने में इतना खो चुकी थी, मुझे पता ही नहीं चल रहा था कि मेरे आस-पास क्या हो रहा है| उस दिन मेने लाल स्कर्ट और बादामी रंग की शर्ट पहन रखी थी| मैं वीडियो में पूरी तरह से खोई हुई थी और इतने में ही सौरभ का एक हाथ मेरी शर्ट के अंदर चला जाता है और हलके हाथों से मेरे बूब्स को दबाने लगता है|

ऐसा होता हुआ देख मैं काफी गर्म पढ़ गयी थी, और मेरी साँसे भी काफी भारी होने लगी थी| वीडियो देखकर मुझे थोड़ी झुनझुनी सी महसूस हो रही थी, और मेरी चुद में भी हलकी से खुजाल चलना शुरू हो गयी थी| मुझे वीडियो देखते हुए पता ही नहीं चला कि कब सौरभ ने मेरे हाथ को पकड़कर उसके शॉट्स के अन्दर डाल दिया था| मेने पहली बार किसी मर्द के लंड को अपने हाथ में महसूस किया था| मुझे ये सब काफी अजीब लग रहा था| मेने धीरे-धीरे उसके लंड को हिलाने की भी कोशिश की जैसा मैं पोर्न विडियो के अन्दर लड़की को उस लड़के का लंड हिलाते हुए देख रही थी| सौरभ का लंड काफी कडक और बड़ा 6 इंच का था|

हम दोनों पोर्न देखने में व्यस्त थे कि इतने में कब मेरी फैमिली शॉपिंग कर के घर आ गयी मुझे पता ही नहीं चला| सौरभ और मेने जल्दी से पोर्न बंद की और सौरभ ने भी अपनी पेंट को फटाफट ऊपर कर लिया, और इसी के साथ हमने किसी को भी पता नहीं चलने दिया की आखिर अंदर क्या चल रहा है|कुछ देर वहीँ सौरभ ने रुक कर पढ़ाई करने का बहाना किया और वहां से उठ कर अपने घर के लिए चला गया| कुछ देर बाद मुझे मम्मी ने बताया कि वह रात में पूरी फैमिली के साथ बाहर जा रही है और रात  को 10 बजे तक वापस आ जायेगी, तब-तक मुझे यहीं घर पर मेरे छोटे भाई निहाल के साथ ही रहना है|

मेने मौका पा कर मम्मी से कह दिया कि – “मम्मी आप चाहो तो निहाल को अपने साथ ही ले जा सकते हो, मैं यहाँ सौरभ को बुला लुंगी हम दोनो एक साथ मिलकर पढ़ाई कर लेंगे| मेरे घर वाले सौरभ पर काफी ज्यादा भरोसा करते थे, क्योंकि मेरी मम्मी और सौरभ की मम्मी काफी अच्छे फ्रेंड थे| मम्मी ने मेरी बात मान ली, लेकिन मेरे छोटे भाई निहाल को भी हमारे ही साथ घर पर रहने को कह दिया था| जैसे ही रात हुई मेरी मम्मी ने सौरभ को मेरे ही घर रुकने को कहा जब तक मेरी फैमिली बाहर से होकर वापस नहीं आ जाती है|

सौरभ भी करीब 7 बजे तक मेरे घर आ जाता है| अब हम दोनो घर पर थे, और साथ में ही मेरा भाई निहाल भी हमारे साथ ही मौजूद था| सौरभ को यह बात पता थी कि निहाल को वीडियो गेम खेलना बहुत पसंद है इसलिये वो निहाल के लिए कुछ नयी वीडियो गेम की सीडी लेकर आया था| कुछ देर बाद निहाल दूसरे कमरे में जाकर वीडियो गेम खेलने लगा और सौरभ और मैं भी एक कमरे को बाहर से लॉक कर के अंदर बैठ गए थे|

कुछ देर तक तो सौरभ और मैं एक-दूसरे के साथ हंसी-मज़ाक में बात करने लगे और पुरानी बातों को एक दूसरे के साथ शेयर करने लगे थे| फिर अचानक से ही सौरभ ने मुझसे कहा कि “ सुनीता मैं एक नयी पोर्न वीडियो लाया हूँ क्या तुम उसे देखना चाहोगी?

मैंने धीरे से मुस्कुराते हुए अपनी गर्दन के इशारे से उसे हाँ कह दिया| इतने में ही सौरभ ने फटाफट पोर्न वीडियो स्टार्ट कर के मोबाइल को मेरे हाथ में ही दे दिया|मैं मोबाइल मैं पोर्न देखकर बीजी हो गयी थी| पोर्न के अंदर लगभग मेरे ही जितनी बड़ी 21 वर्ष की लड़की को एक बड़ा लड़का बहुत ही बेरहम तरीके से चोद रहा था, जिसको देखकर मेरी उत्तेजना भी काफी बढ़ती जा रही थी|अब मैं पोर्न देखने में बीजी हो गयी थी और इतने में ही सौरभ ने अपने सारे कपड़े उतार कर नीचे फेंक दिए थे, सौरभ पूरी तरह से नंगा हो चुका था|और अब सौरभ ने मेरे बूब्स को बाहर से ही दबाना शुरू कर दिया था| मेने लोवर और टॉप पहन रखा था, सौरभ जोर-जोर से मेरे बूब्स को दबाए जा रहा था|

अब तक मैं काफी ज्यादा गर्म हो चुकी थी| कुछ देर बाद मेने सौरभ की तरफ देखा, और सौरभ ने मुस्कुराते मेरे सारे कपड़े उतार कर मुझे नंगा कर दिया| इस बार सौरभ भी काफी मूड में लग रहा था वह बिलकुल भी नहीं शर्मा रहा था| कुछ देर बाद सौरभ ने मुझे नंगा कर के मुझे बिस्तर की तरफ धक्का दे दिया, और ऐसे ही मेरे ऊपर नंगा चढ़कर मेरे बूब्स को जोर-जोर से मसलने लग गया था| वह मुझे बूब्स से लेकर मेरे गले और बदन को लगातार चूमता जा रहा था| कुछ देर बाद उसने मुझे फिर से बिस्तर पर बैठा या और अपना सख्त लौडा मुझे चूसने के लिए कहने लगा|मैंने जैसे ही उसका लोडा अपने मुंह में लिया मुझे काफी गन्दा महसूस हुआ और मेने उसका लौडा चूसने से साफ़ मना कर दिया|

कुछ देर बाद सौरभ ने मुझे फिर से बिस्तर की धक्का दे दिया, और मेरी टांगों को फैलाते हुए अपने कंधे के ऊपर रख लिया| पहले तो कुछ देर तक सौरभ मेरी नंगी चुद को देखता रहा फिर अपने कड़क लंड को मेरी नंगी चुद पर रगड़ने लगा| और फिर धीरे-धीरे अपने लंड को मेरी चुद के अंदर डाल दिया, मुझे काफी दर्द हो रहा था| लेकिन सौरभ धीरे-धीरे मुझे प्यार से सहलाते हुए अपना लौडा टोपे तक ही मेरी चुद के अंदर-बाहर करने लगा| कुछ देर बाद सौरभ ने अचानक से ही अपने लोडे को एक ही झटके में मेरी चुद के अंदर उतार दिया| मेरे मुंह से जोर की चीख निकल गयी, और मेरे पेरों के बीच में से खून टपकने लगा, मैं काफी ज्यादा रोने लग गयी थी|

सौरभ मुझे अचानक से प्यार करने लगा और मुझे चुप करवाते हुए बाथरूम की तरफ ले गया और मेरे पेरों को कपड़े से साफ़ करने लगा| कुछ देर बाद सौरभ ने मुझे फिर से घोड़ी बना दिया और पीछे से मेरी चुद में लंड डालकर जोर-जोर से धक्के देने लग गया| मुझे कुछ देर तक बहुत दर्द होने लगा, लेकिन थोड़ी ही देर बाद मेरा दर्द बंद हो गया और मेरे मुंह से आह, आह,ओह, ओह अम्मम्म की आवाजे आने लगी| मेने सौरभ को और जोर से चोदने को कहा| अब तक सौरभ भी अपनी पूरी रफ़्तार के साथ मुझे चोद रहा था| कुछ देर बाद सौरभ का वीर्य निकलने वाला था उसने तुरंत मेरी चुद से अपना लंड बाहर निकाला और वहीँ बाथरूम में ही अपना वीर्य ढोल दिया|

कुछ देर बाद मेने अपने कपड़े पहन लिए और सौरभ भी कपड़े पहन कर तैयार हो चुका था| हमने कमरे को अच्छे से साफ़ किया, क्योंकि घर वालों के आने का टाइम हो चुका था| कुछ देर बाद निहाल भी अपने कमरे से बाहर आया और कहने लगा कि “ दीदी मुझे भूख लग रही है”| मैं निहाल के लिए कुछ बनाने के लिए किचन में चली गयी, और सौरभ, निहाल के साथ बात करने लग गया| कुछ ही देर बाद मेरे घर वाले भी वहां आ गए, और सौरभ भी वहां से मुझे और मेरे घर वालों को अलविदा कह कर घर चला गया|

अगले कुछ दिन मैं कॉलेज नहीं गयी, और फिर कुछ दिन बाद जैसे ही मेने कॉलेज आना शुरू किया| सौरभ मुझे देखकर खुश हो गया, मुझे काफी अजीब लग रहा था क्योंकि जोश में आकर मेने सौरभ के साथ चुदाई तक कर ली थी| लेकिन सौरभ मुझसे पहले की ही  तरह हंसी मज़ाक में बातें करने लग गया और मुझे भी फिर से सब नॉर्मल लगने लगा| अचानक से फिर से सौरभ ने मुझसे बातों ही बातों मैं कहा कि मैं एक नयी पोर्न लेकर आया हूँ फिर कब देखने का प्लान है…?

आप सभी मुझे कमेंट कर के बताये आपको ये स्टोरी कैसी लगी? अगर आपको इसका पार्ट 2 भी चाहिए तो हमें कमेन्ट में जरुर बताए|