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मेरी पड़ोसन भाभी की चुदाई

हेल्लो दोस्तों, आप सभी लोग कैसे है? आशा करता हूँ सब बढ़िया होंगे। दोस्तों आज मैं आपको मेरी एक सच्ची कहानी सुनाने वाले हूँ जिसमे मैंने अपने पड़ोस में रहने वाली भाभी की जमकर चुदाई की है। तो चलिए बिना देरी किये जानते है मेरी कहानी के बारे में।

तो बात उस समय की है जब में कॉलेज बी कॉम की पहले सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा था। उस दौरान मेरे घर के ठीक पास में ही एक फैमिली ने नया फ्लैट लिया था। उस फैमिली में एक भाभी उनका पति और उनके दो छोटे-छोटे बच्चे रहने आये थे। उन्होंने महज कुछ ही दिनों में मेरी फैमिली के साथ अच्छे संबंध बना लिए थे। यहां तक कि उनके बच्चे भी स्कूल खत्म होने के बाद सीधा हमारे ही घर आ जाया करते थे।

वह भाभी मुझे काफी हॉट लगती थी, मैं उन्हें छूने का एक मौका जाया नही जाने देता था। वह भाभी एक ऑफिस में काम करने जाया करती थी, ओर वहां से आने के बाद हमारे यहां आकर टाइम पास किया करती थी। इसी बहाने में भी उनके गौरे ओर चिकने बदन को थोड़ा देख लिया करता था।

काफी समय से भाभी की हमारी फैमिली से मिलते-जुलते रहने से मेरी ओर भाभी की भी अच्छी बातचीत हो गयी थी। अब वे मुझसे सभी बातें शेयर कर लिया करती थी और मुझसे थोड़ी बहुत हंसी मज़ाक भी कर लिया करती थी। इसी बीच मे उन्हें काफी बार छू भी लिया करता था, जिसका वो बिल्कुल भी बुरा नही माना करती थी।

एक दिन भाभी के मोबाइल में कुछ दिक्कत हो गयी थी, उन्हें मोबाइल की ज्यादा समझ नही थी इसलिए उन्होंने मुझे मोबाइल ठीक करने के लिए अपने घर बुला लिया था। मैं उनके घर गया और मोबाइल देखा तो पता चला कि उसमें छोटी सी दिक्कत थी, जिसे मेने बस कुछ ही मिनटों में सही कर दिया था। भाभी घर से बाहर कुछ सामान लेने गयी हुई थी, इसलिए में वहीं रुक कर उनके मोबाइल के अंदर देख रहा था, तभी मेरा ध्यान मोबाइल के अंदर मौजूद कुछ फोटोज ओर वीडियो की तरफ गया, जिसे देखकर तो मेरा दिमाग ही हिल गया था।

मैने देखा कि उसमें भाभी के साथ किसी अन्य लड़के की फ़ोटो ओर वीडियो थी। मैं फोटोज देखते ही समझ गया कि भाभी का किसी लड़के के साथ चक्कर चल रहा है। अब मेरा दिमाग काफी तेजी से दौड़ रहा था, और मेरे दिमाग मे बस यही चल रहा था कि किसी ना किसी तरह इसका इस्तेमाल भाभी को ब्लैकमेल करने के लिए करना चाहिए। मेरा दिमाग बस किसी ना किसी तरह भाभी को ब्लैकमेल कर के चोदने का कर रहा था। मेने उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए वो सभी फोटोज़ ओर वीडियो निकालकर अपने मोबाइल में फारवर्ड कर लिए, जिससे कि मैं उनसे जो चाहू वो सब करवा सकूँ।

एक दिन सही समय देखकर मेने भाभी से उनके ओर उस फ़ोटो वाले लड़के के बारे में पूछा। भाभी मेरी बातों को सुनकर एक दम चौक ही गयी, ओर मुझसे पूछने लगी- “तुम किसके बारे में बात कर रहे हो?” मेने तुरंत वो सब फोटोज उन्हें खोलकर दिखा दिए जो मेने उनके मोबाइल से चुप के से लिये थे।

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फोटोज़ देखकर भाभी काफी ज्यादा गुस्सा हो गयी और मुझ पर चिल्लाने लगी। भाभी ने मुझसे कहा- “ तुम्हें शर्म नही आती ये सब करते हुए, ऐसे किसी के भी पर्सनल मैसेज पढ़ना और देखना गलत है- “रुको मैं ये सब तुम्हारे घर वालों को बताती हूँ”।

मेने भी जवाब देते हुए कहा- “हां बता दो, ओर में भी एक काम करता हूँ ये सब फ़ोटो ओर वीडियो ले जाकर आपके पति को बता देता हूँ”। भाभी मेरा ये जवाब सुन कर काफी ज्यादा डर गई और मुझसे कुछ ना करने की भीख मांगने लगी।

“ देखो ऐसा मत करो, मैं बर्बाद हो जाउंगी, देखों तुम जो बोलोगे में वो करने के लिए तैयार हूं पर तुम इस बारे में किसी को भी मत बताना ठीक है”।

मेने भाभी से एक बार फिर से पूछा- “ठीक है मैं इस बारे में किसी से कुछ नही कहूँगा, पर सच में जो मांगूंगा वो तुम देने को तैयार हो??”

“हां, तुम जो बोलोगे मैं तुम्हे वो सब दूंगी पर प्लीज तुम ये बात किसी को मत बताना ठीक है।” – भाभी ने जवाब देते हुए कहा

यह सब सुनकर मैं काफी ज्यादा खुश हो गया था,अब मुझे बस उस दिन का इंतजार था जब मैं भाभी के सामने अपनी मांग रखूंगा ओर वो मेरी सभी मांगो को पूरा करेगी।

थोड़े दिनों बाद एक दिन ऐसा आया जब मेरा लण्ड, सर्दी की वजह से काफी ज्यादा तन्ना रहा था, तभी मेरे सामने से भाभी का गुजरना हुआ। मेने सोचा क्यूँ ना भाभी को उनका वादा याद दिलाया जाए, जो उन्होंने मुझसे किया था। मेने भाभी के पास जाकर बोला कि -”आपको याद है ना? आपने मुझे कुछ देने का वादा किया था।”

“हां मुझे याद है बोलो तुम्हें क्या चाहिए?”- भाभी ने थोड़ा इतराते हुए मुझे जवाब दिया।

फिर मेने भाभी से बोला- “मुझे आपको चोदना है और मेरी यही इच्छा है।”

“क्या, तुम्हारा दिमाग तो ठीक है? ये तुम क्या बोल रहे हो।”- भाभी ने गुस्से में पूछा

मेने भाभी से साफ कह दिया कि मुझे जो चाहिए आपको मुझे वो देना होगा वरना मैं सबको सच-सच बता दूँगा। भाभी ने कुछ देर सोचा ओर फिर मेरे साथ सेक्स करने के लिए राजी हो गयी।

फिर भाभी ओर मैं मेरे घर के ठीक ऊपर वाली छत पर चले गए जहां पर काफी ज्यादा अंधेरा हो रहा था।

अब भाभी ओर मैं छत के ऊपर थे, भाभी जैसे ही ऊपर पहुंची उन्होंने मुझसे कहा कि-”जो करना है जल्दी से कर लो,नही तो मैं यहां से जा रही हूँ”।

मेने भाभी को रोकते हुए कहा – “मुझे पहले आपको ठीक से देखने तो दीजिये” मुझे आप बहुत अच्छी लगती हो, मुझे आपसे बहुत प्यार है भाभी”।

भाभी ने कहा-” ठीक है, ठीक है अब तुम्हें जो भी करना है जल्दी करो वरना मैं यहां से जा रही हूं।”

मेने ऊपर से नीचे तक पहले भाभी को घूरना शुरू किया, ओर फिर उनकी गोल ओर नरम गांडो को अपने हाथों से दबाना शुरू कर दिया। उनकी गांड काफी ला जवाब मक्खन की तरह थी। उनकी गांडो को हाथों से मसलने में काफी ज्यादा मजा आ रहा था। धीरे से फिर भाभी पीछे की तरफ मुड़कर दीवार के सहारे हाथ रख कर खड़ी हो गयी।

मैं पीछे से उनकी कमर और बूब्स पर हाथ फेर रहा था। हाय कितने नरम बूब्स थे भाभी के मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। मेने भाभी से उनका दुपटटा हटाने की मांग की लेकिन उन्होंने मना कर दिया वो बोली – “तुझे जो भी करना है ऐसे ही कर ओर थोड़ा जल्दी कर मुझे जाना है”। मैं ऐसे ही चुनरी के ऊपर से उनके बूब्स को दबाये जा रहा था, ओर भाभी भी इतने में काफी गर्म हो गयी थी उनके मुंह से आह,आह की धीमी आवाज निकल रही थी। कुछ देर बाद भाभी ने मुझसे कहा -”मुझे काफी अजीब लग रहा है”। और बस वो इतना कहकर वापस नीचे चली गयी।

मैं भी नीचे आया और सीधा बाथरूम में भाभी के बारे में सोचकर मुट्ठ मारकर घर पर सोने के लिए निकल पड़ा। मुझे काफी अच्छा लग रहा था, क्योंकि मैं जो भाभी के साथ करना चाहता था, उसमें मैं धीरे-धीरे कामयाब होता जा रहा था।

अगले दिन मेने फिर से भाभी को छत पर आने का इशारा किया, भाभी ने मेरी तरफ देखा और मना कर दिया। फिर मेने उन्हें गुस्से में बोला कि चुपचाप ऊपर आ जाओ 2 मिनट के अंदर, मैं तुम्हारा इंतजार कर रहा हूँ। भाभी कुछ ही देर बाद ऊपर आ गयी और मुझ पर चिल्लाते हुए कहने लगी- “ये क्या रोज का लगा रखा है, हमारी सिर्फ एक बार के लिए बात हुई थी। मैं रोज-रोज तुम्हारी बात नही सुनने वाली समझ गए?”

इस पर मेने भी गुस्से में कह दिया “ देखो तुम पर मेरा हक है मैं जो चाहूँ तुम्हारे साथ वो करूँगा फिर चाहे तुम कुछ भी कर लो।” भाभी मुझे गुस्से में देखकर थोड़ा मुस्कुरा रही थी, लेकिन वो मुझे दिखाना नही चाहती थी इसलिए चुप हो गयी थी।

इस बार मेने भाभी को झटके से पकड़ा और पास में खींचते हुए उनके होठों को जोर से चुम लिया। ओर भाभी फिर से दीवार की तरफ अपना हाथ रख के खड़ी हो गयी। इस बार मैं अपनी पेंट में हाथ डालकर अपने लंड को सहला रहा था, और दुसरे हाथ से भाभी के बूब्स को मसले जा रहा था| मै ऐसे ही बिना कपड़े खोले भाभी की गांडो में झटके दिए जा रहा था, भाभी के मुंह से लगातार ओह, आह की सहमी हुई आवाजें आ रही थी, जिसे सुनकर मुझे और भी ज्यादा मजा आ रहा था| कुछ ही देर बाद भाभी फिर से अपने फ्लेट में चली गयी| अब मै रोज भाभी को इशारा कर दिया करता था, और भाभी तुरंत मेरा इशारा पाकर छत के ऊपर चली आती थी|

कुछ दिन बाद भाभी ने अचानक ही मुझे अपने घर खाने के लिए बुलाया, और मैं भी क्या करता? मैं उस दिन भाभी के यहाँ खाना-खाने के लिए दौड़ा चला आया| मैं जैसे ही उनके घर गया, भाभी रेड कलर के सलवार सूट में बिलकुल हॉट लड़की की तरह लग रही थी| मैं उनकी तारीफ़ किये बिना रह नहीं सका, जिस वजह से भाभी भी थोडा शर्मा गयी थी| अब मैं रोजाना भाभी को अपनी ही बाइक से उनके ऑफ़िस छोड़ने जाया करता था, तो हमारी बातचीत और भी ज्यादा बढ़िया हो चुकी थी|

भाभी ने मुझे अपने घर मैं बैठने के लिए कहा और खुद किचन में खाना बनाने के लिए चली गयी| अब मेरी नजर खाना बनाते हुए भाभी को देख रही थी| सलवार सूट के अंदर भाभी की गांड और भी ज्यादा बाहर निकली हू दिख रही थी, जिसे देखकर मुझसे जरा सा भी रहा नहीं जा रहा था| मैं सीधा उठकर भाभी के पीछे किचन में गया और उनके पीछे से पकड़ कर खड़ा हो गया|

भाभी ने मुझसे पूछा की -”ये तुम क्या कर रहे हो?”

मैंने भाभी को बताया की मुझसे और ज्यादा नहीं रहा जा रहा है| इसलिये भाभी ने भी मुझसे कुछ नहीं कहा| अब भाभी खाना बना रही थी, और मैं उन्हें पीछे से उनकी गर्दन को चूमता जा रहा था| इतने मैं भाभी ने भी पीछे मुड़कर मुझे गले से लगा लिया और मुझे चूमना शुरू कर दिया|

अब हम एक दूसरे को चुमते बेडरूम की तरफ आ गए| भाभी ने मुझे बिस्तर के ऊपर धक्का दे दिया और एक-एक कर के मेरे सभी कपड़ों को अपने हाथों से उतार कर फेंक दिया|

धीरे-धीरे मेने भी भाभी को चुमते हुए उनके सारे कपड़ों को निकालकर बाहर की तरफ फेंक दिया, और उनके बूब्स को बाहर से ही दबाना शुरू कर दिया|

उस दिन भाभी काफी ज्यादा मूड में लग रही थी, और चुदने के लिए उत्तेजित होती जा रही थी| मेने भाभी की ब्रा और पेंटी भी निकालकर फेंक दि, और उनके गुलाबी निप्पल को चूसने लगा| भाभी अब उत्तेजना की चरम सीमा पर पहुँच चुकी थी, उन्होंने मुझे तुरंत ही चोद देने को कहा|

वह बार-बार कहने लगी -’चोदो मुझे जल्दी अब मुझसे और नहीं रहा जा रहा है|”

मेने अपनी अंडरवियर उतार के फेंक दि, और भाभी भी मुझे देखकर अपनी टांग फैलाकर बैठ गयी| मेने एक झटके के साथ अपना टोपा भाभी की चुद के अंदर डाल दिया, इतने में भाभी के मुंह से जोर की आह्ह्ह की आवाज निकल जाती है|

इतने में भाभी भी मेरे लंड को पकड़कर उसे सेट करते हुए अपनी चुद के अंदर डालने लगती है| और फिर मैं जोर-जोर से झटके देते हुए भाभी की चुदाई शुरू कर देता हूँ| भाभी भी कुछ देर बाद चुदाई का मजा लेने लगती है और उनकी दर्द भरी आवाज अब आनंद वाली आवाज बन जाती है|

मैं भाभी पर अलग -अलग पोजीशन ट्राई करते हुए उन्हें चोदनेलगता हूँ| इस बार भाभी भी मेरी हर कार्यवाही पर मेरा साथ देने लगती है| मैं भाभी को मशीनरी अंदाज़ में चोदे जा रहा था और भाभी लगातार अपने बूब्स को मसले जा रही थी| थोड़ी देर बाद मैं थक गया और मेने अपना गाढ़ा गर्म वीर्य भाभी की ही चुद में उतार दिया| कुछ देर बाद हम कमरे से बाहर आ गए, भाभी ने पहले सबकुछ साफ़ किया और कपड़े पहन कर बाहर आ गयी|

उस दिन भाभी के चेहरे से ही पता चल रहा था कि उन्हें काफी ज्यादा मजा आया था| अब वे उनके पति से ज्यादा मुझसे चुदना पसंद करती है और मैं भी उन्हें काफी मजा देता हूँ| अब मुझे जब मर्जी होता है मैं भाभी को चोदने के लिए उनके घर पर ही चला जाता हूँ|

आपको मेरी ये सच्ची कहानी कैसी लगी है? हमें जरुर बताए|