स्कूल टीचर ने की मेरी जमकर चुदाई

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम प्रियंका है और मैं लखनऊ की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र अभी 18 साल है और मैं 11 कक्षा में पढ़ती हूँ। मैं बहुत ही कामुक लड़की हूँ। मेने अपने बड़े भैया ओर भाभी को चुपके से काफी बार चुदाई करते हुए देखा है इसलिए मेरा भी मन चुदाई के लिए काफी होता है। अगर मेरे शरीर की बात करें तो मैं चायनीज सी दिखने वाली एक गौरे शरीर की मालकिन हूँ। मुझे हॉट और अंग प्रदर्शन करने वाले कपड़े पहनना काफी ज्यादा पसंद है। मुझे एक बार अगर कोई देख लेता है तो बस देखता ही राह जाता है। आज मैं आप सभी के सामने अपनी सच्ची सेक्स स्टोरी सुनाने जा रही हूं तो चलिए मैं शुरू करती हूं।

मैं शुरू से ही बहुत कामुक लड़की थी। मैं चुपके से अपनी सहेलियो के साथ अपने मोबाइल में पोर्न भी देखा करती थी। इसके अलावा मुझे सेक्स स्टोरी पढ़ना भी काफी अच्छा लगता है। मेरा काफी समय से चुदने का काफी मन हो रहा था। स्कूल में मेरी ही क्लास का एक लड़का राहुल मुझे काफी समय से लाइन मारता था, लेकिन वो लड़का मुझे बिल्कुल भी अच्छा नही लगता था। लेकिन एक दिन मेने सोचा कि राहुल का इस्तेमाल चुदाई की प्यास बुझाने के लिए किया जा सकता है। अगले ही दिन से मैने राहुल को भाव देना शुरू कर दिया था। राहुल की किस्मत बहुत अच्छी थी, क्योंकि उसको मेरे जैसी हॉट लड़की के साथ चुदाई करने का मौका मिलने वाला था। कुछ दिन बाद मेने राहुल को अपना फोन नम्बर भी दे दिया था। राहुल मुझे रोजाना फोन किया करता था, लेकिन मुझे तो उसे किसी ना किसी तरह उसके साथ चुदाई कर के उसे उसके हाल पर छोड़ देना था। कहने का मतलब इतना है कि राहुल तो बस मेरी चुदाई की प्यास बुझाने का एक बकरा था।

एक दिन मेने राहुल के साथ फ़िल्म देखने जाने का प्लान बनाया और फिर हम दोनों उस दिन फ़िल्म देखने चले गए थे। मैं उस दिन स्लीवलेस हॉट ड्रेस पहन के आई हुई थी, जिससे कि मैं राहुल को अपनी तरफ आकर्षित कर सकूं। उस दिन हम दोनों साथ मैं फ़िल्म देखने बैठे हुए थे। मैं जानबूझ कर राहुल के साथ डरावनी फ़िल्म देखने गयी थी, जिससे कि मैं उसके ओर भी करीब जा सकूँ। जैसे ही फ़िल्म में कोई डरावना सीन आता था, तो मैं राहुल से चिपक जाया करती थी। इस दौरान मैं राहुल की पेंट में तन रहे तंबू को भी आसानी से महसूस कर सकती थी। मेरी इस तरह की कार्यवाही से राहुल भी मेरे अंदर की गर्मी को अच्छे से महसूस कर सकता था। कुछ देर बाद ही हम दोनों अकेले में समय बिताने के लिए राहुल के दोस्त के रूम में चले गये थे, जो कि काफी समय से खाली पड़ा हुआ था। रूम में पहुंचते ही हम दोनों ने कुछ देर तो एक दूसरे से बात की ओर फिर अचानक ही राहुल हवस भरी नजरों के साथ मेरे पास बढ़ने लगा। सबकुछ पता होने के बाद भी मैं अनजान बनकर राहुल से कहने लगी कि “ये तुम क्या कर रहे हो?” मेरे बस इतना कहने पर ही राहुल ने मुझे चूमना शुरू कर दिया था।

मैं भी मजे से राहुल को चूमते ही जा रही थी। राहुल भी मुझे पागलों की तरह कभी गाल पर तो कभी होंठ तो कभी गले पर चूमता ही जा रहा था। मेने कुछ देर बाद फिर अनजान बनकर राहुल को धक्का देते हुए कहा कि “हमे यह सब अभी नही करना चाहिए”। लेकिन राहुल पर तो जैसे भूत सवार था, वो मुझे किसी शर्त पर छोड़ना ही नही चाहता था। मैं भी यही चाहती कि वो आज जी भर के मेरी चुदने की प्यास को बुझा दे। राहुल उस दिन किसी जानवर की तरफ बर्ताव कर रहा था। उसने जल्दी-जल्दी में मेरी ड्रेस को उतारने के कारण ड्रेस को भी हल्का सा फाड़ दिया था। कुछ देर बाद ही राहुल ने मुझे उठाया और एक टेबल पर जाकर लेटा दिया था। राहुल ने जोर से खींच कर मेरी पेंटी को भी पहाड़ दिया था। मुझे पता चला गया था कि राहुल भी कब से मुझे चौदने के लिए बेताब है और अब शायद में बहुत बुरी तरह से चुदने वाली थी।

मैं पहली बार किसी के साथ चुदाई करने वाली थी, इसलिए मुझे काफी मजा भी आ रहा था। राहुल ने मुझे टेबल पर लेटा कर मेरे योनि के बीज को चाटना शुरू कर दिया था। मैं पहली बार इतना अच्छा अनुभव कर रही थी, ओर खुद को तेजी से उत्तेजित होता भी महसूस कर रही थी। राहुल अब ओर इंतजार नही कर पा रहा था। उसने तुरंत ही अपना लम्बा चौड़ा 7 इंच का ओजार बाहर निकाल ओर मेरी योनि में डालने के लिए उसे हिलाता हुआ तैयार करने लगा। राहुल ने पहले अपने लंड को बड़ा करते हुए उसे पहले मेरी योनि की दीवार पर रखा और फिर मेरी कमर को पकड़ते हुए एक ही झटके में उसके ओजार मेरी चुत के अंदर डाल दिया था। उस जोरदार झटके से मुझे तेज दर्द के कारण चीख ही निकल गयी थी। इसके बाद ही राहुल धीरे-धीरे अपने लंड को मेरी चुत के अंदर बाहर करते हुए मुझे चौदने लग गया था। कुछ देर तक चुदने के बाद मुझे भी अब काफी मजा आने लग गया था।

राहुल मेरे बूब्स की मसलता हुआ मुझे चोदे जा रहा था। मैं भी राहुल को “ओर जोर से, ओर जोर से चोदो” बोलकर उसके उत्साह को बढ़ा रही थी। उस दिन राहुल ने मुझे अलग अलग पोजिशन में लाकर मेरे साथ बहुत बार चुदाई की थी। राहुल उस दिन मुझे चोदते हुए दो बार झड़ गया था, लेकिन वह भी मेरे जैसी हसीना को चौदने का सौभाग्य नही खोना चाहता था, इसलिए वह कुछ देर के ब्रेक में मुझे बार बार चोदे जा रहा था| उस दिन चुदाई के बाद हम दोनों घर पर चले गये थे। उस दिन के बाद मेने राहुल को फिर से भाव देना बंद कर दिया था। क्योंकि मुझे सेक्स में बोरियत पसंद नही थी। और मैं चाहती थी कि मैं हमेशा अलग अलग लड़को के साथ चुदाई करने का अनुभव लूं। राहुल को भाव ना देने के कारण वह मुझसे काफी गुस्सा हो चुका था। इसलिए उसने मेरी ओर राहुल की चुदाई की खबर स्कूल के सभी लड़कों को बता दी थी। धीरे-धीरे यह खबर मेरे चौहान सर को भी लग गयी थी, जो कि मुझ पर काफी समय पहले से लाइन मारा करते थे। उस दिन के बाद तो चौहान सर क्लास के दौरान मेरे शरीर को घूरने ओर स्पर्श करने का कोई भी बहाना नही छोड़ा करते थे।

जब भी मैं पढ़ाई करती थी, तो वह मेरे नजदीक आकर मेरे बूब्स को देखा करते थे। एक दिन चौहान सर ने स्कूल खत्म हो जाने के बाद उनके ऑफिस में मुझे अकेले में बुलाया, मुझे समझ ही नही रह था कि चौहान सर ने आखिर मुझे क्यों बुलाया था। मैं स्कूल खत्म हो जाने के बाद चुपचाप चौहान सर के आँफिस में चली गयी थी। पहले तो चौहान सर ने मुझे उपर से नीचे तक देखा ओर फिर हंसते हुए ऑफिस का दरवाज़ा अंदर से बंद कर दिया था। मेने चौहान सर से पूछा कि “ये आप क्या कर रहे है? तभी चौहान सर ने मोबाइल निकालते हुए मुझे मोबाइल में देखने के लिए कहा। कैसे ही मेने मोबाइल में देखा, मैं तो पूरी तरह से हैरान ही रह गयी थी। मोबाइल के अंदर राहुल और मेरी सेक्स करते हुए वीडियो थी। राहुल ने मेरी चुपके से एक वीडियो बना ली थी, जो कि उसने सर को भी दिखा दी थी। सर ने मेरे कंधे को गंदी निगाहों से अपने हाथ से सहलाते हुए कहा कि “अगर तुम चाहती हो कि यह वीडियो तुम्हारे घर तक नही पहुंचे तो मैं तुम्हें जैसा कहूँगा, तुम्हे वैसा ही करना होगा। मैं काफी डर गई थी इसलिए मैं चुपचाप बैठकर बस सुनती ही जा रही थी।

कुछ ही देर बाद सर मेरे कंधे को सहलाते हुए मेरी स्कूल शर्ट के बटन को खोलना शुरू कर दिया था। मेरी आँखों से आंसू निकल रहे थे, लेकिन में कुछ भी नही कर सकती थी। सर बटन को खोलते हुए अपने एक हाथ को मेरे शर्ट में डालकर मेरे बूब्स को मसलना शुरू कर दिया था। कुछ देर बाद उन्होंने मुझे ऊपर से पूरी तरह नँगा कर दिया था और अब मैं बस स्कूल की स्कर्ट में थी। सर मेरे बूब्स को किसी जानवर की तरह मसलते हुए आम की तरह चूसते ही जा रहे थे। मुझे इस दौरान काफी रोना आ रहा था। इसके बाद ही सर ने जल्दी से अपने तने हुए लंड को बाहर निकाला और ज़बरदस्ती उन्होंने अपने लण्ड को मेरे मुंह मे डालते हुए मेरे सर को पकड़कर मुझे अपना लन्ड चुसाने लग गए थे। इस दौरान वो मुझे “ले रंडी तुझे चुदने का बहुत शौक है ना? बोलते हुए मुझे ओर भी दुख पहुंचा रहे थे। करीब 5 मिनट तक चौहान सर ऐसे ही मुझे अपना लंड चुसवाते रहे। इस के बाद उन्होंने मुझे कुर्सी पर ही घुटनों के बल उल्टा घोड़ी बना दिया और फिर मेरी पेंटी को स्कर्ट के नीचे से खींचते हुए उसे मेरे घुटनों तक उतार दिया था।

इसके बाद ही सर ने मेरी कमर को पकड़ा और एक ही झटके में अपने लण्ड को मेरी चुत में उतार दिया था। चौहान सर मुझे किसी मशीन की तरह चोदते ही जा रहे थे और मेरे मुंह से तेज आवाजें निकल रही थी। मैं “आह आह” दर्द से कर्राते हुए चौहान सर से चुदते ही जा रही थी। कुछ देर तक चौहान सर मुझे ऐसे ही चौदते रहे और फिर उन्होंने मुझे जमीन पर एक कपड़े पर लेटा दिया था। चौहान सर का लंड एक बार झड़ जाने के बाद भी काफी कड़क था। उन्होंने मुझे जमीन पर लेटाया ओर मेरी टांगों को उनके कंधे पर रखते हुए मुझे लगातार 15 मिनट तक ऐसे ही बुरी तरह से चोदा था। मैं काफी रो रही थी लेकिन सर मुझे अलग-अलग पोजिशन में बस चौदते ही जा रहे थे। उस दिन के बाद में दूसरे शहर में नानी के यहां चली गयी थी।

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