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My English Teacher

मेरा नाम यश है, लेकिन आप मेरे नाम से मेरे चरित्र का फैसला कभी मत करना क्योंकि जीवन मेरे साथ कुछ ऐसी घटनाएँ हुई है, जो की मेरे चरित्र से बिलकुल मैच नहीं होती है| शायद मैंने आपको बताया नहीं की मैं इंदौर का रहने वाला हूँ| और आज मैं आपको अपने जीवन की एक सच्ची घटना से रूबरू करवाने आया हूँ| तो चलिये अच्छे से जान लेते है मैरे और मेरे जीवन की घटनाओं के बारे में|

मेरा बचपन उन बाकी बच्चों की तरह नहीं बीता था, जो खेल कूद और छुपम छुपाई में अपनी जिंदगी के मजे ले रहे थे| सच कहूँ तो मैं बचपन से ही सेक्स करने की इच्छा का बहुत ज्यादा आदि रहा हूँ और जैसे ही मैं बड़ा होता गया मेरी सेक्स इच्छा भी आसमान छू चुकी थी|

तो बात उस समय की है जब में 12 वी कक्षा पास आउट कर चुका था| और प्रथम वर्ष की पढ़ाई के लिए मैंने एक अच्छे कॉलेज में प्रवेश ले लिया था| मैं बहुत ज्यादा उत्सुक था कि मेरा पहला साल कैसा होगा? और कौन मुझे पढ़ायेगा या मेरे दोस्त भी बनेंगे भी या नहीं| जब मैं पहली बार कॉलेज गया तो मैंने देखा की कॉलेज का माहौल काफी खूबसूरत था खासतौर पर वहां की खुबसुरत लड़कियाँ जिन्हें देखने भर से ही मेरा दिमाग पर से कंट्रोल हट रहा था|

तभी हमारी क्लास शुरू होती है और क्योंकि पहला पीरियड इंग्लिश टीचर का था तो हम बेसब्री से पढने का इन्जार कर रहे थे| और कुछ ही देर बाद हमारी इंग्लिश टीचर हमें पढ़ाने के लिए अंदर आती है और जैसे ही मैं उन्हें देखता हूँ मेरी आंखे फटी की फटी रह जाती है| काफी ज्यादा उम्र होने के बाद भी हमारी टीचर 20 साल की खुबसुरत और जवान लड़की की तरह नजर आ रही थी| मैं उन्हें देखते से ही उनकी खूबसूरती का दीवाना हो गया था, खूबसूरती भी कहा यार मेरी आँखें तो उनके जिस्म को देखकर ठहर सी गयी थी| उनके गौरे और चिकने बदन को देखकर मैं अपने दिमाग से सारा कंट्रोल ही खो बैठा था|

क्लास का बैठा हुआ हर एक स्टूडेंट उस टीचर की खूबसूरती का दीवाना हो चुका था, लेकिन मेरे दिमाग में क्या चल रहा था,  ये बात मैं किसी से शेयर नहीं कर सकता था| मैं दिल का बुरा नहीं हूँ, लेकिन ये जो सेक्स इच्छा और ब्लू फिल्म देख कर जो मैं बड़ा हुआ था, इसने मेरे दिमाग से कंट्रोल ही हटा दिया था|

मैं हर रोज छुट्टी के समय उस टीचर का पीछा किया करता था, जब-तक वो घर पर नहीं पहुँच जाती थी| और शायद मुझे लग रहा था कि कहीं ना कहीं हर रोज की देखा-देखी और कॉलेज की बातचीत में टीचर भी मेरे अंदर उस चीज़ को देख चुकी थी उस इच्छा को महसूस कर चुकी थी जिसे आज तक मैंने किसी के साथ शेयर नहीं किया था|

अब मुझे हर रात उस टीचर के साथ सेक्स करने के सपने आने लगे थे, और मेरे दिमाग के अंदर वो पूरी तरह से बस चुकी थी| एक दिन बुखार की वजह से मेरी हालत काफी कमजोर हो चुकी थी लेकिन उस इंग्लिश टीचर को देखने का जो नशा मुझे चढ़ चुका था, उस वजह से मैं उस दिन भी कॉलेज के लिए चला गया था| और हर बार की तरह मैं उस दिन भी उस टीचर का पीछा करता हुआ उसके घर तक पहुँच जाता हूँ|

मैं उनके घर से वापस लौट ही रहा होता हूँ की मुझे उनके घर से किसी आदमी के चिल्लाने की आवाज़ आती है| मैं आवाज़ सुनते ही टीचर के घर की तरफ जाता हूँ और पहली मंज़िल पर बनी खिड़की से उनके घर के अंदर झाँकने लगता हूँ| अंदर देखकर पता चलता है कि टीचर का उनके पति से किसी बात पर झगड़ा हो जाता है|

टीचर अपने पति से –

टीचर – तुम्हें मेरी कोई फ़िक्र नहीं है? बस अपने काम में ही बीजी रहते हो और मुझे बिलकुल भी समय नहीं देते हो|

पति चिल्लाते हुए कहता है – हाँ तो सारा दिन तुम्हें ही देखता रहता हूँ अपने काम को छोड़ ही देता हूँ ना फिर|

मैंने टीचर की बारे में काफी पता किया था, उनके पति एक डॉक्टर थे जो महीनों तक अपने काम के सिलसिले में बाहर ही रहा करते थे और कभी कभार एक दो दिन के लिए अपनी पत्नी से मिलने आ जाया करते थे| मैंने देखा की झगड़ा खत्म होने के बाद उनका पति घर छोड़कर निकल जाता है, लेकिन ऊपर खिड़की के बाहर खड़ा मैं यह सब देखकर काफी ज्यादा उदास हो जाता हूँ|टीचर का ऐसा मासूम चेहरा मुझसे देखा नहीं गया और मैं वापस लौटने लगता हूँ लेकिन मेरी हालत गंभीर होने के कारण मैं खिड़की से नीचे गिर जाता हूँ और सीधा बेहोश हो जाता हूँ|

कुछ देर बाद जब मेरी आँखें खुलती है तो मैं खुद को टीचर के घर के अंदर पाता हूँ| टीचर वहीँ मेरे पास बैठकर मुझसे एक के बाद एक सवाल पूछने लगती है|

टीचर – यश तुम यहाँ पर कर क्या रहे हो|

मैंने जवाब देते हुए कहा – टीचर मैं यहाँ से गुजर रहा था तभी मैंने आपको चिल्लाते हुए देखा तो में सीधा यहाँ पर चला आया मुझे माफ़ कर दीजिये|

टीचर ने जवाब देते हुए कहा – चलों कोई बात नहीं और मेरे सर पर हाथ रखते हुए कहा कि “तुम्हें तो तेज बुखार आ रहा है| इसके बाद टीचर एक दूसरे कमरे की तरफ जाती है और वहां से एक बीयर की बोतल लेकर मेरे पास आती है, और कहती है “इसे पी लो इससे तुम्हारा बुखार सब एक बार में उतर जाएगा|” तभी मैंने जवाब देते हुए कहा कि “ ये तो बीयर है और मैं बीयर नहीं पीता हूँ| तभी टीचर ने काफी जोर देते हुए मुझे बीयर पिने के लिए मजबूर कर दिया और बीयर पिने के बाद में वहीँ पर ही सो गया|

अचानक से करीब 30 मिनट बाद मुझे ग्लास के गिरने की आवाज़ आती है, और जैसे ही मेरी आँखें खुलती है मैं टीचर को अपने सामने खड़ा हुआ पाता हूँ| टीचर स्कर्ट पहने हुए मेरे सामने खड़ी रहती है और उनका चेहरा देखकर लग रहा था कि वे काफी ज्यादा मूड में भी है| टीचर काफी ज्यादा नशे में थी और जिस तरह वह धीरे-धीरे मेरे सामने बढ़ रही थी मेरी कामोत्तेजना भी उतनी ही तेजी से बढ़ती ही जा रही थी|

अब मैं खुद को रोक ही नहीं पाता हूँ और धीरे से अपने हाथ को उनकी टांगों में हलके से फेरने लगता हूँ और टीचर भी अपनी आँखों को बंद कर लेती है और खुद को उत्तेजित होने से रोक ही नहीं पाती है| फिर धीरे से मैं अपने हाथ को टीचर की स्कर्ट के अंदर डाल देता हूँ और पेंटी के बाहर से ही टीचर के गुप्त अंग को सहलाने लगता हूँ तभी टीचर झटके से मेरे हाथ को अपने गुप्त अंग से हटा देती है|

लेकिन अब में भी कहा रुकने वाला था और जिस तरह से बीयर का नशा मेरे दिमाग पर छाया था तो मुझे अब शायद कोई रोक भी नहीं सकता था| अब मैं अपने हाथों से टीचर के बूब्स को मसलने लगता हूँ मेरे बूब्स मसलने के कारण उनके बूब्स कपड़ों से बाहर निकल जाते है| और देखते ही देखते मैं और भी ज्यादा उत्तेजित हो जाता हूँ और उनके बूब्स को अपने मुंह से चुसना शुरू कर देता हूँ| लेकिन बुखार आने की वजह से मैं इससे और ज्यादा अधिक आगे नहीं बढ़ पाता हूँ| तभी टीचर मुझे बेड की तरफ धक्का देती है और मुझे लेटा कर मेरे उपर बैठ कर मेरे लिंग को उनके गुप्त अंग के अंदर डालने लगती है और थोड़े दर्द झेलने के बाद वो भी सेक्स का मजा लेने लगती है|

उस बात को आज काफी समय हो गया है| और उस टीचर से सेक्स करने के कुछ दिन बाद ही उनका ट्रांसफर किसी दूसरे शहर में हो जाता है| मैं उन्हें आज भी याद करता हूँ क्योंकि उन्होंने जो मजा दिया वो मैं अपनी पुरी जिंदगी नहीं भुला सकता हूँ|

ये तो मेरी जिंदगी का एक छोटा सा किस्सा था, लेकिन मुझे नहीं पता था कि आगे चलकर मेरे साथ और भी बड़ी -बड़ी घटनाएँ होने वाली थी जो की मेरे चरित्र से मैच नहीं होती है| हा हा हा लेकिन वो सब अब हम अगली बार जानेंगे|