Home » अनजान लड़के से चुद के आई

अनजान लड़के से चुद के आई

हेल्लो दोस्तों, कैसे है आप? कहानियों की इस रंगीन दुनिया मे आपका बहुत-बहुत स्वागत है। आज यहां में पहली बार अपनी कहानी सुनाने जा रही हूं। आशा करती हूं कि आप सभी को मेरी कहानी बहुत ज्यादा पसंद आने वाली है। तो चलिए मेरी कहानी की तरफ बढ़ते है।

मेरा नाम अक्षिता पांडे है ओर मैं उज्जैन की रहने वाली हूँ। मैं अभी 12 वी कक्षा में हूँ। स्कूल से आने के बाद में सीधा घर आकर दिन भर फ्री रहती हूं मुझे बस फेसबूक, व्हाट्सएप ओर स्नैपचैट पर चैटिंग करना पसंद है और इसी में मेरा पूरा दिन निकल जाता है। भूरी आंखों और रेशमी बालों के साथ एक सुंदर बनावटी गौरे बदन के होने के साथ ही मैं एक कामुक लड़की हूँ। मुझे अंग प्रदर्शन करने वाले वस्त्र काफी ज्यादा पसंद है जिससे में लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करती हूं। मुझे किसी से ज्यादा बात करना पसंद नही है क्योंकि मुझे प्यार से पूरी तरह नफरत है। मैं लोगों से सेक्स करने के लिए ही बात करती हूं लेकिन में कभी किसी को आगे रह कर नही कह सकती हूं। मैं हमेशा चाहती हूं कि इस विषय मे पहल सामने वाले कि तरफ से हो।

मुझे सेक्स में बोरियत पसंद नही है इसलिए मैं हमेशा पार्टनर को बदलती रहती हूं। अब तक 4 लोगों के साथ सेक्स कर चुकी हूं यही नही मुझे कई बार मेरे चाचा भी चोद चुके है। एक बार की बात है जब मैं स्कूल से घर आकर फेसबूक चला रही थी। तभी मुझे फेसबूक पर आशीष नाम के एक लड़के का “हेल्लो” का मैसेज आया। मुझे लगा ये भी मेरे प्यार में पड़ा होगा, बस मुझसे प्यार भरी बातें करने आया होगा।

तभी उस लड़के ने मैसेज किया कि “क्या तुम मेरे साथ सेक्स चैट करना पसंद करोगी”? पहले तो मैं उसकी बातें सुनकर हैरान हो गयी कि कोई लड़का डायरेक्ट ऐसा पूछने की हिम्मत कैसे कर सकता है? लेकिन बाद में मैने उसे मैसेज कर के कहा कि “मुझे आपके साथ कोई सेक्स चैट नही करना है”। इतना कह कर ही मैं उस लड़के की प्रोफाइल चैक करने लगी। मैं उसकी प्रोफाइल देखकर हैरान थी, वो लड़का कॉफी हॉट था। उस लड़के के बड़े बाल और अट्रेक्टिव दाढ़ी थी। उसका शरीर लम्बा ओर कड़क था। उसकी प्रोफाइल में एक शर्टलेस फ़ोटो भी डली हुई थी, जिससे मेरी नजर हट ही नही रही थी।

इतने में ही आशीष का फिर से मैसेज आता है देखो आप मुझे काफी हॉट लगती हो। मैं ज्यादा किसी लड़की से बात नही करता हूँ बस तुमसे ही मैं बात करना चाहता हूं। मुझसे सेक्स चैट करने के लिए मैं आपको मुंह मांगे पैसे भी देने के लिए तैयार हूं।

उसके बस इतना कहने पर ही मैं उससे चैट करने के लिए तैयार हो गयी थी। मैं यह सब पैसे के लिए नही कर रही थी, बल्कि मैं उस लड़के के साथ चुदने के लिए बेताब होती जा रही थी।

अब आशीष ओर मैं रोज़ाना सेक्स चैट करने लगे थे। आशीष काफी अच्छी बातें करता था और वो केवल बातों से ही मुझे उत्तेजित करने का हुनर रखता था। हम दोनों रोज़ाना एक दूर को अपनी न्यूड (नंगी) फोटो भी भेजा करते थे। आशीष ने बताया था कि वो उज्जैन के पास में ही इंदौर में रहता है। अब मुझे आशीष काफी अच्छा लगने लग गया था। उसकी हॉट फोटो को देखकर योनि में उंगली करना और बूब्स को मसलना मेरे लिए काफी ज्यादा आम हो गया था।

सेक्स चैट करते हुए बात काफी आगे तक जा पहुंची थी। कहीं ना कही हम दोनों ही एक दूसरे से सेक्स करने के लिए काफी ज्यादा मचल रहे थे। लेकिन मैं बस यही चाहती थी कि इस बात की शुरुआत आशीष ही करे। आशीष मुझे इतना अच्छा लगने लगे गया था कि अब मैं अपनी पूरी जिंदगी ही आशीष के साथ चुदने के लिए तैयार थी।

एक दिन बातों ही बातों में आशीष ने मुझसे कहा कि तुम मुझसे मिलना चाहोगी? मेने मिलने के लिए आशीष को साफ मना कर दिया, लेकिन अंदर ही अंदर मैं भी आशीष से मिलने के लिए मानो तड़पती ही जा रही थी। इसके बाद आशीष मुझे मनाने के लिए काफी ज्यादा कोशिशें करने लगा और आखिरकार, मैं आशीष से मिलने के लिए मान गयी थी।

मैंने आशीष से पूछा “ तुम तो इंदौर में रहते होना? फिर मुझसे मिलने के लिए यहां पर कैसे आओगे।

तुम चिंता मत करो मैं तुमसे मिलने के लिए जल्द ही वहां पर आ जाऊँगा- आशीष ने जवाब देते हुए कहा

अगले दिन आशीष ने मुझसे मिलने के लिए एक दिन डिसाइड किया, जिसके बाद अब हम दोनों ही बेसब्री से बस उस दिन का इंतजार कर रहे थे। आख़िरकार, फिर वो दिन भी नज़दीक आ चुका था जब हम एक दूसरे से मिलने वाले थे।

मैं जानती थी कि मैं बहुत जल्द ही आशीष से चुदने वाली हूँ इसलिए मैं भड़काऊ अंग प्रदर्शन करने वाले कपड़े पहनकर आशीष से मिलने के लिए पूरी तरह से तैयार थी। आखिरकार, आशीष का उस दिन मुझे फ़ोन आया और हम एक दूसरे से मिलने के लिए पूरी तरह से तैयार बैठे थे। आशीष ने मुझे एक पार्क में मिलने के लिए बुलाया था। मैं जैसे ही पार्क में पहुंची आशीष पहले से ही पार्क में पहुंच चुका था। जैसे ही आशीष ने मुझे देखा उसका चेहरा बहुत ज्यादा खिल उठा था। मानो वो भी मेरी ही तरह कब से मिलने के लिए तरस रहा हो।

अब हम पार्क मैं एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे। आशीष काफी ज्यादा खूबसूरत लग रहा था इसलिए मुझे उससे बात करने में शर्म सी महसूस हो रही थी। लेकिन कुछ ही देर बाद मैं आशीष से पूरी तरह घुल मिल सी गयी थी। आशीष से बातें करते हुए समय का पता ही नही चल रहा था। तभी अचानक से आशीष ने स्कर्ट के नीचे मेरी नंगी जाँघों पर अपना हाथ फेरना शुरू कर दिया था। आशीष के स्पर्श में एक अलग ही बात थी पता नही क्यों मैं उसके स्पर्श से काफी ज्यादा ज्यादा उत्तेजित होती जा रहा थी लेकिन ना जाने कैसे मेने अपने होश को अब तक संभाले रखा हुआ था।

हम दोनों बात करते हुए ऐसे लग रहे थे जैसे हम दोनों एक दूसरे के लिए बने हो। कुछ देर बाद आशीष अपना पूरा सब्र जैसे खो ही चुका था। उसने एक दम प्यार से मेरी आँखों की तरफ देखा ओर जैसे ही उसकी आंखें झुकते हुई मेरे होंठ की तरफ आयी मेने सीधा उसे चूमना शुरू कर दिया। अब आशीष भी लगातार मेरे गले और मेरे होंठ को चूमता ही जा रहा था साथ ही मेरी पीठ पर भी हाथ फेर कर मुझे उत्तेजित किये जा रहा था।

कुछ देर बाद मुझे होश आया की हम दोनों पार्क में है। इसलिए मैंने आशीष को अपने से थोड़ा दूर करते हुए कहा “आशीष हम दोनों पार्क में है शायद यहां पर ये सब करना अच्छा नही होगा।

तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो, अच्छा फिर मेरे साथ चलो हम किसी होटल में चलते है। – आशीष ने जवाब देते हुए कहा

मेरे साथ ही आशीष भी पूरे मूड में सेक्स करने के लिए बेताब हो रहा था। कुछ ही समय बाद हम दोनों ने एक रूम बुक करवाया, जिसके बाद हम दोनों अपने रूम की तरफ बढ़ गए थे। जैसे ही हम दोनो रूम के अंदर गए आशीष ने रूम का दरवाज़ा अंदर से बंद कर दिया और मेरी तरफ मुस्कुरा कर देखने लगा। मैं भी मुस्कुराते हुए आशीष के पास बढ़ने लगी थी। इतने में आशीष ने मुझे चूमना शुरू कर दिया था। हम दोनों एक दूसरे के ऊपरी शरीर पर चुम्बन की बरसात कर रहे थे। आशीष मेरे कानों के नीचे ओर बूब्स के ऊपरी हिस्सों की तरफ चूमकर मुझे लागातर उत्तेजित किये जा रहा था।

आशीष के ऊपर तो जैसे मेरी लेने का जुनून सा सवार था लेकिन वो शायद मुझे बहुत ही ज्यादा खास समझता था। आशीष ने अब मुझे चूमते हुए मेरे स्कर्ट के अंदर मेरी योनि में हाथ डाल दिया था। आशीष ने मेरी चुद में उंगली डालकर अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया जिसके बाद में उत्तेजना की चरम सीमा पर ही जा पहुंची थी। मेरी चुद में से रस आना शुरू हो गया था। अब मेरी चुद किसी लंड को अपने अंदर झपट लेने के लिए तड़पे जा रही थी।

हम दोनों ने केवल दो घण्टे के लिए ही रूम लिया था इसलिए आशीष मुझे चोदने में कोई कसर नही छोड़ना चाहता था। आशीष ने कुछ ही देर में मुझे केवल ऊपर की तरफ से नंगा कर दिया और मेरे गोल-गोल बूब्स को भी मेरी ब्रा से आजाद कर दिया था। आशीष ने पहले मुझे रोमांटिक तरीके से मुझे गोद मे उठाया और मेरी आँखों को देखकर मुस्कुराता हुआ मुझे बिस्तर पर रख दिया था। वह धीरे-धीरेमेरे ऊपर चढ़ते हुए मेरे बूब्स को मसलते हुए पीने लग गया था। उसके छूने भर से मेरे बूब्स काफी टाइड हो गए थे। वह मेरे बूब्स को मक्खन की तरह चूस रहा था और मैं भी आंखे बंद कर के उसके सर पर हाथ फेरते हुए इसका मजा ले रही थी।

अब तक आशीष ओर मैं एक गहरी उत्तेजना के अंदर चल गए थे। अब आशीष ने स्लोली-स्लोली एक रोमांटिक अंदाज़ में मेरी स्कर्ट को खोलते हुए मेरी पेंटी को भी नीचे उतार दिया था। अब आशीष ने पहले अपनी शर्ट को उतारा ओर अपनी पेंट को नीचे करते हुए अपने 8 इंच के ओजार को भी बाहर निकाल लिया था।

अब आशीष ने मेरी टांगों को उपर करते हुए अपने 8 इंच के लंड को एक ही बार मे मेरी चुद के अंदर उतार दिया था। मुझे शुरू में उसके झटके देने पर थोड़ा दर्द हुआ लेकिन बाद में मुझे काफी मजा आने लग गया था। आशीष काफी तगड़ा मर्द था उसने कुछ ही देर के अंदर मेरे मुंह से चीख बाहर निकलवा दी थी। हम दोनों की आवाज़ पूरे कमरे में गूंज रही थी। उस दिन हमारे पास केवल दो घंटे ही थे ,इस दौरान हम दोनों ने काफी अलग-अलग पोजिशन में चुदाई का मजा लिया था। उसके बाद हम दोनों होटल से चले गए थे। उस दिन के बाद से आशीष ओर मैं रोज़ाना चैट किया करते थे और आशीष हर महीने में एक बार मुझे चोदने के लिए आ जाया करता था। हम दोनों ने शादी करने तक फैसला भी कर लिया था।

अगर इसके आगे क्या हुआ जानना चाहते है तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे।